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त्वरित उत्तर (Quick Answer)

यह धारा हत्या के लिए मृत्युदंड या आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा का प्रावधान करती है। यह प्रावधान विशेष रूप से भेदभावपूर्ण उद्देश्यों से की गई हत्याओं को रोकने के लिए है। यह पुराने आपराधिक कानूनों की जगह लेता है।

भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS)

धारा 103

(1) Whoever commits murder shall be punished with death or imprisonment for

Englishहिंदी
मूल वैधानिक पाठ (Original English Text)

Statutory Content of Section 103

life, and shall also be liable to fine. (2) When a group of five or more persons acting in concert commits murder on the ground of race, caste or community, sex, place of birth, language, personal belief or any other similar ground each member of such group shall be punished with death or with imprisonment for life, and shall also be liable to fine. Punishment for murder by life-convict.

Indian StandardSection 103, Bharatiya Nyaya Sanhita
Bluebook (21st ed.)Bharatiya Nyaya Sanhita, § 103 (India)
Court Pleading StandardSection 103 of the Bharatiya Nyaya Sanhita
Canonical Web linkhttps://nyaya.cloud/acts/bharatiya-nyaya-sanhita/103

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सरल हिंदी स्पष्टीकरण

धारा 103 का क्या अर्थ है?

यह धारा हत्या के लिए दो प्रकार की सजा का प्रावधान करती है - मृत्युदंड या आजीवन कारावास, साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जब पांच या अधिक व्यक्तियों का समूह किसी विशिष्ट आधार जैसे जाति, लिंग, जन्मस्थान, भाषा, या व्यक्तिगत विश्वास पर आधारित हत्या करता है, तो समूह के प्रत्येक सदस्य को यह सजा दी जा सकती है। यह प्रावधान समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

आवश्यक कानूनी तत्व
  • पहला तत्व यह है कि हत्या का कार्य किया गया हो।
  • दूसरा तत्व यह है कि जब पांच या अधिक व्यक्तियों का समूह विशिष्ट भेदभावपूर्ण आधार पर हत्या करता है।
व्यवहारिक उदाहरण

व्यावहारिक उदाहरण (Practical Example)

रमेश और उसके पांच मित्र, जातिगत भेदभाव के कारण, एक हत्या करते हैं। इस धारा के तहत, समूह के प्रत्येक सदस्य को मृत्युदंड या आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा हो सकती है, जो भेदभावपूर्ण आधार पर की गई समूह हत्याओं के लिए बढ़ी हुई सजा को दर्शाता है।

✓ कानूनी सटीकता के लिए सत्यापितसमीक्षा और प्रमाणित: Advocate Arjun Choudhury (बार काउंसिल आईडी: D/8734/2015).
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

धारा 103 से जुड़े सामान्य प्रश्न

Q: धारा 103 के तहत दंड या परिणाम क्या है?

A: दंड मृत्युदंड या आजीवन कारावास है, और दोषी जुर्माने के लिए भी उत्तरदायी होगा।

Q: क्या यह धारा निजी व्यक्तियों या सार्वजनिक संस्थाओं पर लागू होती है?

A: यह धारा व्यक्तियों पर लागू होती है, क्योंकि यह व्यक्तियों या व्यक्तियों के समूह द्वारा की गई हत्या के लिए दंड का उल्लेख करती है।

Q: क्या यह धारा के तहत अपराध जमानती या संज्ञेय है?

A: यह धारा स्पष्ट रूप से नहीं बताती है कि अपराध जमानती या संज्ञेय है या नहीं, जो कानूनी प्रक्रिया और न्यायालय के विवेक पर निर्भर करेगा।

ऐतिहासिक अदालती निर्णय

धारा 103 से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले

सामान्यतः साथ में उद्धृत

धारा 103 के साथ सामान्यतः उद्धृत अन्य प्रावधान